बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय

हमारा कार्य

1979 से निरंतर

उपलब्धियाँ

1979 में भारत मौर्य संघ और 2007 में अखिल भारतीय मौर्य महासंघ की स्थापना के बाद से संगठन ने समाज के जागरण और सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

पदाधिकारियों ने पूरे देश की यात्रा की, सभाएँ आयोजित कीं और शाखाओं का गठन किया — लोगों को जोड़ने, परस्पर सहयोग बढ़ाने और जन-उत्थान के लिए। ग्रामीण भारत पर विशेष ध्यान रखा गया। देश के विकास के साथ नई चुनौतियाँ आईं और महासंघ ने समय की माँग के अनुसार अपनी गतिविधियों का विस्तार किया। प्रमुख उपलब्धियाँ:

01

बाल विवाह एवं दहेज प्रथा का उन्मूलन

बाल विवाह समाज के पिछड़े वर्गों में लंबे समय से प्रचलित था — बच्चों की शिक्षा में बाधा, कम आयु में पारिवारिक दायित्व, बड़े परिवार और कुपोषण इसके दुष्परिणाम थे। संगठन ने लोगों को इनके परिणामों के प्रति जागरूक किया; अब समाज से बाल विवाह समाप्त हो चुका है और दहेज में भी उल्लेखनीय कमी आई है।

02

अंधविश्वास एवं रूढ़ियों का उन्मूलन

लोग अतार्किक रीति-रिवाजों में अंधविश्वास रखते थे — बुरी आत्माएँ, काल्पनिक देवी-देवता, और बीमार को दवा के स्थान पर झाड़-फूँक; दैवीय शक्ति का दावा करने वाले पाखंडी कठिन परिश्रम की कमाई ऐंठते थे। महासंघ ने लोगों को अपने विवेक से निर्णय लेने की शिक्षा का आंदोलन चलाया। धीरे-धीरे ऐसी प्रथाएँ घट गईं और आज बहुत कम लोग इन मान्यताओं को मानते हैं।

03

शिक्षा पर बल

महासंघ ने व्यक्ति और समाज के विकास में शिक्षा के असीम योगदान का प्रचार किया — नियमित सभाओं के साथ-साथ प्रतिवर्ष विद्यार्थियों के प्रोत्साहन हेतु प्रशस्ति-पत्र, पुस्तकें, पदक, ट्रॉफ़ी और नकद पुरस्कार वितरित किए। हर परिवार अपने बच्चों को उत्तम शिक्षा देने के प्रति सजग हुआ है; समाज के लोग आज अनेक क्षेत्रों में उच्च पदों पर आसीन हैं।

04

स्वर्णिम इतिहास का प्रचार

समाज का भूला हुआ इतिहास उसे लौटाया गया — आशा, गौरव और आत्मविश्वास के साथ। भगवान बुद्ध, साम्राज्य-संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य और सम्राट अशोक महान के जीवन और शिक्षाओं का पूर्ण सम्मान से स्मरण किया जाता है: बुद्ध जयंती, चंद्रगुप्त जयंती, अशोक जयंती और अशोक धम्म विजय दिवस में प्रतिवर्ष विशाल जनसमूह सम्मिलित होता है।

05

भविष्य की योजना

समाज का विकास कभी रुकता नहीं। महासंघ को गर्व है कि समाज आज दूसरों के समकक्ष खड़ा है, और वह समय की माँग के अनुसार योजनाएँ और कार्यक्रम चलाता रहेगा — शिखर तक पहुँचने के लिए।